ILL HEALTH SYSTEM OF BIHAR || बिहार की बीमार स्वास्थ व्यवस्था :
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दोस्तों और देशवासियों आज  आपके सामने बिहार की हेल्थ सिस्टम के बारे में कुछ बताने जा रहा हूँ। जनसख्या के हिसाब से देश का तीसरा राज्य बिहार है। बांकी राज्यों की तुलना में बिहार का  हेल्थ सिस्टम काफी लचर है और यह फैक्ट जग जाहिर है।

क्या है कारण ? 

1 ) राजनैतिक इच्छाशक्ति  : 
आज़ादी के बाद से कितनी सरकारें आयी लेकिन जो प्रयास इस दिशा में यहाँ की आबादी के हिसाब से की जानी चाहिए वो अब तक नहीं की गयी , नतीजा आपके सामने है कोरोना जैसी वैश्विक महामारी पर कण्ट्रोल करने में बिहार सर्कार पूरी तरह विफल  है। 
हालाँकि पिछले कुछ दशकों से बिहार सरकार ने हेल्थ बजट में 8 गुने तक की बढ़ोतरी हुई जो बजट 2004 -2005 में 23885 करोड़ थी वो अब बढ़कर 2 lakh करोड़ से ऊपर 2020 -21 में हो गयी। 
लेकिन जमीनी स्तर पर यह दावे बिलकुल फेल दिख रहे हैं। 

2 ) डॉक्टर्स और अस्पताल : 

डॉक्टर्स की भारी किल्लत भी एक अहम् वजह है , डाटा की माने तो बिहार में 29000 लोगों पर केवल 1 डॉक्टर की उप्लभ्दता ही है और 8645 लोगों पर 1 बेड की सुविधा है। 
हर साल बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार (Acute Encephalitis Syndrome) से हज़ारों बच्चों की मौत हो जाती है लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए हैं हालाँकि इसी साल एक नया डेडिकेटेड हॉस्पिटल मुजफ्फरपुर में इस साल बनाया गया है लेकिन मुद्दा तो प्रयाप्त डॉक्टर्स का है जिसकी पूर्ति करना बिहार सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। 

वही अगर बात अस्पताल की करें तो जनसंख्या के हिसाब से बिहार में प्रयाप्त अस्पताल की भारी कमी है , कोरोना काल में बिहार की राजधानी पटना की व्यवस्था तो पूरी दुनिया देख रही है जब राज्य की राजधानी का ये हाल है तो बांकी ज़िलों  की क्या स्थिति है ये अनुमान लगाना भी मुश्किल है। 

रिपोर्ट्स की माने तो कई डॉक्टरर्स , नर्सेज और युवा डॉक्टर्स भी बिहार  आना नहीं चाहते हैं जिसका एक कारण बिहार की low  per capita इनकम भी है। 

राज्य में कुछ बड़े अस्पताल जैसे AIIMS PATNA, NMCH PATNA, IGIMS PATNA, PMCH PATNA, DMCH DARBHANGA, JLNMCH BHAGALPUR, ANMCH GAYA और भी कई अस्पताल है लेकिन वहां की व्यवस्था भी दयनीय है मरीज़ को अक्सर निराशा का सामना करना पड़ता है जिसमे अस्पताल में उचित व्यवस्था और डॉक्टर्स की कमी मुख्य वजह है। 

वहीँ बात अगर निजी अस्पताल की करे तो पटना को छोड़कर बांकी ज़िलों में निजी अस्पताल की भी कमी है और बिहार की जनता जिनकी आमदनी बोहोत कम है वो निजी अस्पताल में जाने में असमर्थ महसूस करते हैं। 

3) coronavirus impact on bihar health system :

corona virus ने हम सबकी ज़िन्दगी को हिला के रख दिया है covid को अब दो साल से अधिक समय हो गया पर इसके बावजूद हमने क्या तयारी करी इससे लड़ने के लिए यह आज भी एक बड़ा सवाल है।  कोरोना वायरस की दूसरी लहर चल रही है और बिहार भी इससे अछूता नहीं है दिन प्रतिदिन मरीज़ों की संख्या बढ़ रही है , अस्पताल में बेड फुल हो चुके हैं , प्रयाप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलिंडर्स नहीं है। राज्य सरकार को तुरंत जनता के हित में सभी जीवन रक्षक उपकरण उपलध करवाने चाहिए। 

निष्कर्ष :

बिहार का हेल्थ सिस्टम को सुधरने में सबसे बड़ी जिम्मेदारी राज्य सरकार की बनती है वो सबसे पहले जो अस्पताल पहले से है उसके इन्तेज़ामो को दुरुस्त करे और निजी अस्पतालों के लिए निवेशकों में विश्वास जगाये। 
गरीबों को सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले इस दिशा में हर प्रयास करे। 
trained डॉक्टर्स और नर्सेज की बहाली रेगुलर बेसिस पर होती रहे इसकी मॉनिटरिंग करते रहे।