How to quit smoking in hindi |  सिगरेट पीना कैसे छोड़े :

स्मोकिंग या धूम्रपान या आम भाषा में सिगरेट पीने की लत को कैसे छोड़े ?  यह सवाल हर किसी के जहाँ में आता है जो अब समझ गए है की उनको इसकी आदत सी हो गयी है जो की उन्हें अंदर से कमज़ोर और खोखला कर रही है।  आज हम इस गंभीर विषय पर आप  सबके साथ अपने विचार रखेंगे लेकिन उससे पहले आपके साथ एक छोटी सी कहानी कह लीजिये या संवाद शेयर करने जा रहा हूँ। कुछ दिनों पहले मैं किसी जरूरी काम से दिल्ली गया गया हुआ था और IIT DELHI के पास बेर सराय नाम की जगह पर ठहरा था। शाम के वक़्त मैं अपने कमरे से बाजार की तरफ गया और चाय पीने लगा उसी बिच मेरी नज़र एक युवक पर पड़ी जिसने IIT DELHI की शर्ट पहनी थी और वह लगातार एक के बाद एक सिगरेट लगातार पीये जा रहा था।  अब सवाल यह है क्या इतना पढ़ा लिखा युवक उसे इस बात का पता नहीं होगा की यह सिगरेट क्या चीज़ है अच्छी है या बुरी?  मैंने उससे जाकर पूछा भाई क्या बात है और तुम्हारा नाम क्या है ? उसने पहले तो कुछ नहीं बोला  फिर कहा साहिल उसने बताया की उसपर बहुत प्रेशर है और सिगरेट पीने से वह हल्का स्ट्रेस फ्री महसूस करता है यह कहते हुए उसने मुझे अपनी सिगरेट आगे बढ़ा दी और कहा पीकर देखो अच्छा लगेगा। 
मैंने आप सबको यह कहानी इसलिए बताई की आप पहले वजह समझे की आपने सिगरेट को अपनी ज़िन्दगी में क्यों शामिल किया ?  साहिल की तरह देश  के लाखों युवा सिगरेट की गिरफ्त में हैं और बहुत लोग इनसे निजात भी पाना चाहते हैं पर बार बार वो आखिर क्यों इसकी तरफ लौट आते हैं। चलिए कुछ कारण  समझने की कोशिश करते हैं :
सिगरेट-पीना -कैसे- छोड़े



 पहली बार आपने सिगरेट कब और क्यों पी ? :

ज्यादातर मामलों में यह देखा गया है की हम दोस्ती यारी में या यूँ कहे किसी के संगत में आकर इसकी शुरूआत करते हैं और यह कब हमारी आदत बन जाती है हमें पता ही नहीं लगता और यदि किसी दिन सिगरेट की एक कश भी न मिले तो बेचैन हो जाते हैं  इसके अलावा कुछ कारण है
  • दूसरों के सामने शो ऑफ करने के लिए की हम भी सिगरेट पीते हैं 
  • जब हम तनाव महसूस करते हैं तो नशे की ओर बढ़ जाते हैं 
  • और कभी कभी जब हम ज्यादा दुखी होते हैं तो भी 
लेकिन हमें यह लगता है की सिगरेट पीने से हमारी समस्या ख़तम हो जाएगी पर ऐसा नहीं है यह हमें दो मिनट की सुकून तो शायद दे दे पर हमें हमारी समस्याओं से आजाद नहीं कर सकता। 

सिगरेट और हमारा मस्तिष्क :

हमारा मस्तिष्क बिलकुल एक मिट्टी की तरह  है जैसा चाहोगे उसी आकृति में ढल जाएगा और सबसे ख़ास बात यह है बुरी आदतों को हमारा ब्रेन जल्दी अपना लेता है और अच्छी आदत को अपनाने में हमें काफी प्रयास करना होता है तो हमें अपने ब्रेन को थोड़ा बेवक़ूफ़ बना कर रखना है पर कैसे चलिए जान लेते हैं। 

हमें कोई अपने आप से प्रॉमिस नहीं करना है :

जी हाँ आप सबने यह महसूस किया होगा की जो चीज़ हम सोचते हैं की यह हमें नहीं करना है बार बार हमारा  मन  हमें  उस चीज़ को करने की तरफ ले जाता है क्यूंकि हमारे मस्तिष्क की संरचना ही कुछ इस प्रकार है।  आप अपने आप से कोई प्रॉमिस मत कीजिये की आज से   सिगरेट छोड़ दूंगा बस आप कोई ऐसी चीज़ में अपने आपको व्यस्त कर लीजिये जिसमे आपको सबसे ज्यादा मज़ा आता हो  आप अपने आपको उस चीज़ में engage कर लेंगे सिगरेट का ख्याल अपने आप दूर हो जाएगा। 

मेडिकल हेल्प लेने से न संकोच करें  : 

हालाँकि अगर आप ऊपर बताये गए तरीके अपना लेंगे तो आप जरूर अपने मन पर नियंत्रण कर पाएंगे पर फिर भी कोशिश करने के बाद भी आप उभर नहीं पा रहे हैं तो चिकित्सकीय परामर्श जरूर ले आज कई नशा मुक्त कार्यक्रम सरकार या ngo द्वारा चलाया जाता  है आप इनसे संपर्क करे या आपकी मदद करेंगे। 
नेशनल टोल फ्री नंबर : 1800110031, अधिक जानकारी के लिए socialjustice.nic.in पर जानकारी ले सकते हैं 

Conclusion : आशा करते हैं आपको यह लेख पढ़कर कुछ मदद मिलेगी और आप भी सिगरेट की धुंए से मुक्त जरूर होंगे।  अगर आपको हमारा यह लेख लाभदायक लगा तो इसे अपने दोस्तों में  शेयर कीजियेगा जो सिगरेट को छोड़ना चाहते हैं। 
धन्यवाद।